मेरी अम्मी ने पड़ोसी से फड़वा दी मेरी बुर

पड़ोसी अंकल XxX कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी अम्मी सबके लण्ड का मज़ा लेती हैं। उन्होंने मुझे भी अपने एक यार से अपने सामने चुदवा दिया.

मेरा नाम रेहाना है, दोस्तो! मैं एक गोरी चिट्टी, बड़े बड़े बूब्स वाली खूबसूरत और हॉट लड़की हूँ।
मैं पढ़ी लिखी हूँ सेक्सी हूँ, और एक बड़े पद पर काम करती हूँ।

मैं आपको एक Padosi Uncle XxX Kahani बता रही हूँ.

मेरी अम्मी जान का नाम रुखसार बेगम है वह 44 साल की एकदम मस्त जवान औरत है।

उसके मम्मे मेरे मम्मों से बड़े बड़े हैं और उसकी गांड बड़ी मस्त है।
कुनबे के सारे लोग उसे अपना लण्ड पकड़ाने के चक्कर में रहते हैं।
नाते रिश्तेदार और आने जाने वाले लोग भी उसके सामने अपना लण्ड हिलाते रहते हैं।

ख़ास बात यह है कि अम्मी जान किसी को भी निराश नहीं करतीं और सबके लण्ड पकड़ लेती हैं, सबके लण्ड का मज़ा लेती हैं।
यह बात अम्मी जान ने मुझे खुद बताई थी।

अम्मी जान से रिश्ता एकदम दोस्ती का रिश्ता है।
एक दिन उसने कहा था- देख बुर चोदी रेहाना, अब तू जवान हो गयी है। तेरी चूत मेरी चूत के बराबर हो गयी है। आज से तू मेरी बेटी नहीं, मेरी सहेली हो गई है और मैं तेरी सहेली। मैं तेरी बुर चोदी रुखसार हूँ, तू मेरी बुर चोदी रेहाना। लण्ड तुझको भी चाहिए और लण्ड मुझको भी चाहिए। समझ में आया बुर चोदी रेहाना? तेरी माँ का भोसड़ा!

इन सब बातों से मैं भी गर्म हो गयी।
मैं भी मस्ती के मूड में आ गई और बोली- तेरी बिटिया की बुर हरामजादी रुखसार … मुझे सब समझ में आ गया। अय्याश तू भी है तो अय्याश मैं भी हूँ. लण्ड तू भी चाटती है तो लण्ड मैं भी चाटती हूँ।

फिर क्या … अम्मी ने मुझे बड़े प्यार से गले लगा लिया और बोली- अब आज से हम दोनों मिलकर चाटेंगी लण्ड!

सच बात तो यह है दोस्तो कि मैं खुद अम्मी जान से दोस्ती करना चाहती थी। दोस्ती का रिश्ता रखना चाहती थी ताकि मुझे सेक्स करने की आज़ादी मिले और हम दोनों मिलकर सेक्स का मज़ा ले सकें।

तब तक मैं भी लण्ड पकड़ने लगी थी, लण्ड मुंह में लेने लगी थी, मुझे हर रोज़ लण्ड चाहिए था।
मैं सबके लण्ड से मोहब्बत करने लगी थी। मैं कब तक छुप छुप कर लण्ड पकड़ती? कब तक छुप छुप कर चुदवाती?

मुझे मालूम तो हो गया था कि मेरी अम्मी जान भोसड़ी वाली बड़ी अय्याश है। वह भी लण्ड खूब पकड़ती है, अपना भोसड़ा भी गैर मर्दों से खूब चुदवाती है.
तो फिर ऐसे में क्यों न मैं अम्मी के सामने लण्ड पकड़ूँ और अम्मी मेरे सामने लण्ड पकड़ें!

यह तो अच्छा हुआ कि आज अम्मी जान ने मेरे मन की बात कह दी।
मैं पूरी तरह गनगना उठी।

अम्मी जान फिर और खुल कर बोली- देख रेहाना, तू भी जवान है और माशाल्ला मैं भी जवान हूँ। आज से तू मेरी चूत में पेलेगी लण्ड और मैं तेरी बुर में पेलूँगी लण्ड। हम दोनों एक दूसरे की चूत चोदा करेंगी।

उस दिन से हमारी जिन्दगी एकदम बदल गयी।
मेरी ज़िन्दगी का एक नया पन्ना खुल गया।

एक दिन मैं ऑफिस से थोड़ा देर से आई तो अम्मी जान को थोड़ी चिंता तो हुई।
मेरे घर के अंदर घुसते ही अम्मी ने पूछा- इतनी देर से कहाँ माँ चुदा रही थी तू अपनी बुरचोदी रेहाना?
मैंने कहा- नहीं अम्मी जान, मैं माँ नहीं चुदा रही थी अपनी! मैं तो लण्ड हिला रही थी। बस लण्ड हिलाने में थोड़ी देर हो गई। लण्ड बहनचोद बड़ी देर में खलास हुआ इसीलिए थोड़ी देर हो गई अम्मी जान!

वह बोली- हाय दईया तू लण्ड हिला कर आ रही है? लण्ड का मुठ मार कर आ रही है तू? अच्छा बता किसका लण्ड था वह, माँ की लौड़ी रेहाना?

मैं पूरा वाकया बताने लगी:

मेरे ऑफिस का ही एक रोहित नाम का लड़का है। वह अक्सर मेरे मम्मे देखा करता है।
वैसे तो मेरे मम्मे ऑफिस के सभी लड़के देखते हैं मगर रोहित कुछ ज्यादा ही देखता है.
तो मैं उसे और इधर उधर से मम्मे दिखाया करती हूँ।

ऐसा करते करते मेरी भी इच्छा हुई कि मैं एक दिन उसका लण्ड देखूं।

आज जब हम दोनों थोड़ी देर से ऑफिस से निकले तो उसने कहा- रेहाना रुको मैं तुम्हे तेरे घर छोड़ दूंगा।
फिर मैं उसकी कार में बैठ गयी।
उसने जब गेयर पर हाथ रखा तो मेरे मन में एक जबरदस्त ख्याल आया कि इसके लण्ड का टोपा भी ऐसा ही कुछ होगा. बस मेरा मन हुआ की क्यों न आज मैं इसका लण्ड पकड़ कर देख लूँ।

गाड़ी जब थोड़ा दूर तक चली और मुझे थोड़ा अँधेरा दिखाई पड़ा तो मैंने उसके पाजामे के ऊपर से लण्ड दबाकर कर कहा- यार रोहित, आज मैं तेरा लण्ड देखूंगी। मैं यह बात तुमसे बहुत दिनों से कहना चाह रही थी पर कभी मौक़ा ही नहीं मिला। आज मौक़ा मिला तो कह दिया। मुझे अपना लण्ड दिखा दो प्लीज?

उसने गाड़ी बढ़ाई और एक पार्क के पास एक कोने में जहाँ सुनसान इलाका था, वहीं उसने कार रोक दी और चारों शीशे अंदर से चढ़ा कर बंद कर दिया।

हम दोनों पीछे की सीट पर चले गये।
बैठते ही उसने मेरे मम्मे ऊपर से दबा दिये।
तो मैंने अपने मम्मे बड़े प्यार से खोल कर उसे दिखा दिये।

वह मेरे बड़े बड़े दूध देख कर मस्त हो गया, उसने मेरे दोनों दूध चूमे और बड़े मजे से दबाने लगा।
मैं उससे ज्यादा मस्त हो गयी।

मैंने उसकी पैंट खोली, चड्ढी भी खोल डाली और बड़े प्यार से हाथ अंदर डाल कर लण्ड बाहर निकाल लिया।
मेरे हाथ में लण्ड आते ही मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गयी और लण्ड पकड़ कर एकदम से मुंह में भर लिया।

लण्ड का टोपा बड़ा शानदार था। मैं लण्ड चूसती गई चूसती गई।
मैं बार बार लण्ड मुंह से निकाल निकाल कर चाटती गयी, वह मेरे दूध दबाता गया दबाता गया।
हम दोनों को खूब मज़ा आ रहा था।

मैं लण्ड बार बार मुंह से निकालती उसे हिलाती और फिर मुंह में भर लेती।
ऐसा करने से मुझे ज़न्नत का मज़ा आ रहा था।

मैंने कहा- रोहित, तेरा लण्ड बड़ा जबरदस्त है यार! मैं तो तेरे लण्ड की गुलाम हो गयी हूँ।
वह बोला- मुझे भी तेरी चूचियाँ बहुत पसंद हैं यार रेहाना! मैं किसी दिन इन्हें इत्मीनान से चोदूंगा।

फिर मैं लण्ड का मुठ मारने लगी। मैंने पहली बार कोई अनकट लण्ड देखा था। मुझे अनकटे लण्ड का मुठ मारने में बड़ा मज़ा आने लगा।
मैं खचाखच, गचागच मुठ मारने लगी, वह सिसयाने लगा।
चपर चपर, पच्च पच्च की आवाज आने लगी.

मैं और मस्ती से अपना मुंह खोले हुए तेज तेज मुठ मारने लगी।
फिर लण्ड ने सारा वीर्य मेरे मुंह में ही उगल दिया. मैं भी उसे गटक गयी और लण्ड का टोपा चाटने लगी।
तब वहां से चली।
बस इसी में थोड़ा देर हो गयी।

अम्मी बोली- ठीक है रेहाना … पर ये तो बता कि उसका लण्ड कितना बड़ा है?
मैंने कहा- लण्ड तो बड़ा मोटा तगड़ा है. लगभग 8″ का होगा.

वह बोली- अपनी माँ के भोसड़े में कब पेलेगी तू उसका लण्ड माँ की लौड़ी रेहाना?
मैंने कहा- जब तू किसी का लण्ड अपनी बिटिया की बुर में पेलेगी, मेरी बुरचोदी अम्मी जान!
फिर हम दोनों खूब खिलखिलाकर हसने लगीं।

एक दिन शाम को मैं जब ऑफिस से आई तो देखा कि मेरे पड़ोस के अब्बास अंकल बैठे हुए अम्मी जान से बात कर रहे हैं।
मैंने उन्हें आदाब बोला और अंदर जाकर अपने कपड़े बदल लिये।

अपने सारे कपड़े उतार कर मैंने केवल एक मैक्सी पहन ली और थोड़ा टचअप कर लिया।
मैक्सी के नीचे मैं बिलकुल नंगी थी।
घर में मैं अक्सर मैक्सी ही पहनती हूँ जिससे मुझे बड़ा आराम मिलता है।

मैं बाहर आकर अंकल के सामने बैठ गयी। मैं आ गई तो अम्मी जान अंदर चली गईं। मैं अंकल से बातें करने लगी।

अंकल ने कहा- माशाल्ला रेहाना, तुम बहुत हसीन लग रही हो। बहुत खूबसूरत लग रही हो!
मैंने कहा- अरे अंकल आप भी तो बड़े हैंडसम लग रहे हो … लड़कियां तो बहुत मरतीं होंगी तुम पर?
वह बोला- हैंडसम तो इतना ज्यादा नहीं हूँ पर कुछ लड़कियां तो मुझ पर फ़िदा थीं।

मैंने कहा- अच्छा सच सच बताओ कितनी लड़कियों की बुर ली है तुमने अंकल?
वह बोला- यही कोई 5-6 लड़कियां ही होंगी.

मैंने कहा- इतनी लड़कियां तो तेरे कुनबे में ही होंगी जिनको तुमने चोदा होगा?
वह बोला- मैं कुनबे की लड़कियों को छोड़ कर बता रहा हूँ!

मैंने कहा- हाय दईया … तब तो तुम बड़े चोदू हो अंकल? लेकिन इतने दिनों तक कहाँ थे तुम?
वह बोला- हां मैं विदेश चला गया था। तब तुम छोटी थी। मैं कल ही आया हूँ. अब तुम बड़ी हो गयी हो!
मैंने कहा- अंकल विदेश जाकर तो आप बहुत स्मार्ट और हैंडसम हो गए हो.

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उसने हंस कर कहा- हां, यह सब वहां की आबो हवा का कमाल है। लेकिन मैं कुछ भी भुला नहीं पाया। इसीलिए रुखसार भाभी जान से मिलने चला आया।

मैंने कहा- क्या कोई ख़ास मोहब्बत है आपकी मेरी अम्मी जान से?
वह बोला- हां ख़ास मोहब्बत ही है मेरी तेरी अम्मी जान से। तुम धीरे धीरे समझ जाओगी रेहाना!

इतने में अम्मी जान आ गयी।
वे भी हमारी बात चीत में शामिल हो गयीं।

अचानक मैं बाथरूम के लिए चली गयी और जब वहां से लौट कर आईं तो यहाँ का नज़ारा ही दूसरा था।

मैंने देखा कि अब्बास अंकल के ऊपर के कपड़े उतरे हुए हैं और नीचे उसके पजामा एक नाड़ा खुला हुआ है।
अम्मी जान का हाथ उसी में घुसा हुआ है।

मुझे यह समझने में देर नहीं लगी कि अम्मी जान अंकल का लण्ड सहला रही हैं।
मैं छिपकर थोड़ी देर तक देखती रही।

मैं चाहती थी कि लण्ड बाहर निकल आये तब मैं उसके सामने जाऊँ … लेकिन अम्मी लण्ड बाहर निकाल ही नहीं रही थीं।
उन्होंने बड़ी देर तक लण्ड बाहर निकाला ही नहीं।

अब मैं भी कब तक इंतज़ार करती?
मैं फिर बड़ी बेशर्मी से सामने जाकर बैठ गयी।
अम्मी बोली- तूने बड़ी देर लगा दी रेहाना?
मैंने कहा- हां कुछ देर लग गई अम्मी।

मेरी अम्मी ने फिर दन्न से टनटनाता हुआ लण्ड बाहर निकाला और उसे मुझे दिखाती हुई बोली- ले बुरचोदी रेहाना, संभाल अपने अंकल का लण्ड।
मैंने भी मस्ती हाथ बढाकर पकड़ लिया अंकल का लण्ड और बोली- बाप रे बाप इतना बड़ा लण्ड?

फिर अंकल ने पजामा पूरा निकाल कर फेंक दिया।
मैं बड़े प्यार से हिलाने लगी लण्ड और उसे चारों तरफ से देखने लगी।
मैंने लण्ड कई बार चूमा। उसका सुपारा कई बार चूमा और पेल्हड़ भी चूमे।

फिर मैंने कहा- हाय दईया, बड़ा मोटा तगड़ा है अंकल का भोसड़ी का लण्ड अम्मीजान? देखो न एकदम कुतुबमीनार की तरह है खड़ा है मादरचोद लण्ड।
वहीं रखे इंची टेप से मैंने लण्ड का साइज नापा।
लण्ड की लम्बाई नापी और इंची टेप लण्ड के चारों तरफ लपेट कर उसकी मोटाई नापी।
तो वह ८” लम्बा और 4″ मोटा निकला, मैंने अम्मी को बताया।

अम्मी बोली- लण्ड साला पहले से थोड़ा ज्यादा मोटा हो गया है बेटी रेहाना!
मैंने कहा- बेटी रेहाना नहीं अम्मी जान, बुर चोदी रेहाना कहो मुझे … मैं तेरी बेटी नहीं दोस्त हूँ।
फिर हम तीनों हंस पड़े।

अंकल को मालूम हो गया कि मेरे अम्मी के साथ किस तरह से सम्बन्ध हैं.

मैं पूरी तरह मस्ती के मूड में आ गई थी.
तब तक अम्मी ने मेरी मैक्सी उतार कर फेंक दी तो मैं भी बहनचोद पूरी तरह नंगी हो गयी।
मुझे नंगी देख कर लण्ड साला और सख़्त हो गया।

मैंने घूम कर देखा तो अम्मी जान भी एकदम नंगी हो चुकीं थीं। उनकी मस्तानी चूत और बड़े बड़े दूध देखकर मैं तो फूली नहीं समा रही थी।
मुझे अम्मी जान की खूबसूरती पर गुमान होने लगा।

फिर हम दोनों माँ बेटी नंगी नंगी अंकल का लण्ड चाटने लगीं और एक दूसरे को लण्ड का टोपा भी चटाने लगीं.

माँ बेटी दोनों नंगी नंगी जब एक ही लण्ड मिलकर चाटती हैं तो उसका मज़ा कुछ और ही होता है।

अम्मी बड़े सेक्सी मूड में थीं तो बोली- बुर चोदी रेहाना, तेरी माँ का भोसड़ा … आज मुझे तेरे साथ लण्ड चाटने में बड़ा मज़ा आ रहा है। मुझे लगता है कि मेरी जवानी लौट आयी है।
मैंने कहा- हाय मेरी हरामजादी रुखसार … तू तो अभी मुझसे ज्यादा जवान है. तेरी बिटिया की बुर, आज मुझे भी तेरे साथ लण्ड चाटने में बड़ा मज़ा आ रहा है. इतना मज़ा पहले कभी नहीं आया.

अम्मी ने कहा- हां यार … अब तो मेरी चूत में और तेरी चूत में कोई फर्क तो है नहीं। न मुझे कोई शर्म और न तुझे कोई शर्म? नंगी होकर लण्ड मैं भी चाटना चाहती थी, नंगी होकर लण्ड तू भी चाटना चाहती थी। अब्बास तो भोसड़ी का पहले से नंगा है। हमारी तमन्ना पूरी हो रही है।

फिर क्या … अंकल मेरी भी बुर चाटने लगा और अम्मी जान की चूत भी!

हम तीनों एक ही बेड पर नंगे नंगे लेटे हुए थे।
हमारे बीच 3सम का खेल चल रहा था यानी FFM का दो चूत और एक लण्ड का खेल!

अंकल ने मेरी चूचियाँ बड़े प्यार दबायीं और बोला- तेरी बेटी रेहाना की चूचियाँ तो तेरी चूचियों का मुकाबला कर रहीं हैं, भाभी जान. बड़े मस्त और रसीले हैं इसके मम्मे बहन चोद!
अम्मी कहा- हां यार, रेहाना बड़े बड़े मम्मे वाली की बेटी है इसीलिए इसके भी मम्मे बड़े बड़े हैं।

अंकल बोला- आज मैं तेरी बेटी की बुर लूंगा, भाभी जान!
अम्मी ने कहा- हां हां बिल्कुल लेना मगर मेरे सामने ही लेना मेरी बेटी की बुर!

इन दोनों की गन्दी गन्दी बातें सुनकर मैं बुरी तरह चुदासी हो गयी।

इतने में अम्मी ने मेरी गांड के नीचे एक मोटी तकिया लगा और मेरी टांगें फैला दीं।
मेरी बुर एकदम खुल गयी।

फिर उसने अंकल का लण्ड पकड़ा और मेरी बुर पर रगड़ने लगी। मेरी बुर बहुत ज्यादा गीली हो चुकी थी और लण्ड भी गीला हो गया था।

फिर अचानक अम्मी ने अंकल के चूतड़ दबा दिया तो लण्ड गच्च से मेरी बुर में घुसने लगा।
मुझे दर्द हुआ तो मैं चिल्ला पड़ी- उई माँ मर गई मैं, फट गई मेरी बुर, बड़ा दर्द हो रहा है हाय रे अब क्या होगा? इस भोसड़ी वाले ने पूरा पेल दिया लण्ड? हाय दईया … बड़ा मोटा है इसका लण्ड बहन चोद। मैं मर जाऊंगी।

अंकल थोड़ा रुक गया तो अम्मी बोली- अरे यार अब्बास, तुम पूरा पेल दो लण्ड और खूब हचक हचक कर चोदो इस बुर चोदी रेहाना की बुर। इसको चिल्लाने दो। उसकी परवाह न करो। तुम पूरा लण्ड पेलो, पूरा लण्ड निकाल निकाल कर पेलो, बार बार पेलो, खूब घपाघप पेलो, चोद डालो इसकी बुर, चीर डालो इसकी बुर! खूब धकाधक चोदो इसकी बुर जैसे तुम मेरी चूत चोदते हो।

अंकल तो मादरचोद पूरा लण्ड पेल पेल के चोदने लगा।
फिर मैं भी कमर हिलाने लगी, धीरे धीरे अपनी गांड उचकाने लगी।

मुझे मज़ा आने लगा तो बोली- हाय मेरे राज़ा, लौड़ा पूरा घुसा घुसा के चोदो, अच्छा लग रहा है। तेरा लण्ड मज़ा दे रहा है। मुझे अपनी बीवी की तरह चोदो, रंडी की तरह चोदो … फाड़ डालो मेरी बुर … चीथड़े उड़ा दो मेरी बुर के अब्बास मियाँ! ये रुखसार भोसड़ी वाली बड़ी बेशरम और बेहया औरत है। देखो न कितनी बेरहमी से अपनी बिटिया की बुर चुदवा रही है। इसको ज़रा भी शर्म नहीं आ रही है। इसने अपने हाथ से पेल दिया लण्ड अपनी बेटी की चूत में!

वह बोली- तू बहन की लौड़ी बेटी नहीं मेरी चुदक्कड़ दोस्त है। अभी तो मैं और कई लण्ड पेलूँगी तेरी चूत में! आज तो मैं तेरी बुर फड़वाकर कर मानूंगी।

इन्हीं सब बातों के बीच अंकल ने चुदाई की स्पीड बढ़ा दी।
उनको भी जोश आ गया तो वे बोले- हां रेहाना, आज तो मैं तेरी माँ के सामने ही फाड़ूंगा तेरी बुर! तेरी अम्मी को दिखा दिखा के फाड़ूंगा तेरी बुर। तेरी जैसी टाइट बुर मैंने आज तक किसी की नहीं चोदी। मुझे तो बहनचोद ज़न्नत का मज़ा आ रहा है।

मैंने पूछा- अबे अब्बास … तूने कभी अपनी बिटिया की बुर चोदी है?
वह बोला- हां चोदी है. पर उसकी भी बुर इतनी टाइट नहीं है जितनी टाइट तेरी बुर है रेहाना!
वह ऐसा बोल कर वह और जोर से झटके पे झटके लगाने लगा और मैं भी हर झटके का जबाब देने लगी।

मेरी बुर तो पहले से ही चुदी हुई थी पर आज मुझे अंकल से चुदने में ज्यादा मज़ा आ रहा था।
मुझे एहसास हुआ जितना ज्यादा चुदवाओ उतना ज्यादा और मज़ा आता है।

अचानक मेरा एक हाथ अम्मी के भोसड़े पर पहुँच गया।
बस मैंने लण्ड अपनी चूत से निकाला और अम्मी के भोसड़ा में ठोक दिया।
लण्ड साला एक ठोकर में पूरा अंदर घुस गया।

मैं बोली- अब आया ऊँट पहाड़ के नीचे! अभी तक ये बुरचोदी खूब बोल रही थी अब मैं फड़वाऊंगी इसका भोसड़ा!
मैंने कहा- अब्बास अंकल अब तुम मेरे सामने फाड़ो मेरी माँ का भोसड़ा … खूब गचागच पेलो लण्ड इसके भोसड़े में!

अंकल ने देर नहीं लगायी और लण्ड पूरा घुसेड़ कर चोदने लगा मेरी अम्मी का भोसड़ा।
वह बोली- हाय दईया रेहाना, तू मादरचोद बहुत बड़ी बेशरम लड़की है। अपने आगे अपनी माँ चुदवा रही है तू?
मैंने कहा- हां मैं बिलकुल चुदवा रही हूँ अपनी माँ! माँ चुदाने में जो मज़ा है वह कहीं और नहीं. अभी तो एक लण्ड पेला है तेरी चूत में, इसके बाद और कई लण्ड पेलूँगी तेरी चूत में रुखसार!

मैं बीच बीच में लण्ड अम्मी की चूत से निकाल कर चाटने लगी और अंकल के पेल्हड़ भी सहलाने लगी।
अंकल ने फिर मुझे नंगी नंगी अम्मी के ऊपर चित लिटा दिया।
मेरी चूत अम्मी की चूत के ऊपर हो गयी।

वह कभी लण्ड अम्मी की चूत से निकाल कर मेरी चूत में पेल देता और फिर मेरी चूत से निकाल कर अम्मी की चूत में पेल देता।
ऐसा वह बार बार करने लगा।

हम दोनों को एक साथ मज़ा आने लगा। हम दोनों की बुर एक साथ चुदने लगी।
थ्री सम का मज़ा क्या होता है वह आज हम सबको मालूम होने लगा।

कुछ ही देर बाद मैं खलास हो गई और अम्मी जान भी!
फिर हम दोनों मिलकर लण्ड का मुठ मारने लगीं।
बस पल भर में ही XxX अंकल के लण्ड ने भल्ल से उगल दिया वीर्य मेरे मुंह में!

हम दोनों माँ बेटी नंगी नंगी बड़े शौक से झड़ता हुआ लण्ड चाटने लगी।

तो दोस्तो, यह थी मेरी सच्ची पड़ोसी अंकल XxX कहानी ।
आपको कैसी लगी बताईएगा जरूर!
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